
गोरखपुर के रामपुर नयागांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कुंजबिहारी निषाद की मौत की खबर सामने आई।
इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन और मोहल्लेवालों ने मैरीगोल्ड हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
इलाज में लापरवाही या हमला? मौत के पीछे उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, कुंजबिहारी निषाद को 23 अगस्त को बकाया ₹50,000 मांगने पर मोहल्ले के अभिषेक पांडेय और उसके साथियों ने रॉड, पटरे और हथियारों से हमला कर दिया।
इस हमले में कुंजबिहारी और उनका साला गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
“जिनसे पैसा मांगने गए थे, उन्हीं ने जिंदगी का हिसाब बंद कर दिया!”
पुलिस बनाम पब्लिक: हंगामे में इंस्पेक्टर का सिर फटा
मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल में जुट गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
स्थिति बेकाबू होते ही पुलिस को मौके पर बुलाया गया, लेकिन भीड़ और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई। इस झड़प में गोरखनाथ थाना प्रभारी शशिभूषण राय का सिर फट गया।

“एक तरफ इलाज में देरी, दूसरी तरफ लाठीचार्ज — जनता जाए तो जाए कहाँ?”
चुनाव भी लड़ चुके थे कुंजबिहारी निषाद
मृतक कुंजबिहारी निषाद आम आदमी पार्टी के टिकट पर वार्ड नंबर 14 से पार्षद चुनाव लड़ चुके थे। उनकी राजनीतिक सक्रियता और इलाके में लोकप्रियता को देखते हुए, मौत के बाद माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। पुलिस फोर्स तैनात है, परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
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